Thursday, January 30, 2020

इश्क़ गुनाह


निगाहें

तेरी निगाहों ने मुझे खुदगर्ज़ बना डाला
डूब कर इनमें मैंने ज़माने को भुला डाला

Tuesday, January 28, 2020

गुफ़्तुगू उनकी जुल्फों के साये में हो...
दीदार-ए-इश्क़ चाँद की बाहों में हो...

Tuesday, January 21, 2020

उसकी यादों को इस दिल में संजोया था हमने...
उसके प्यार के लिए खुद को खोया था हमने...

Wednesday, November 27, 2019

तुम नफ़रत करना छोड़ दो,हम इश्क़ करना छोड़ देंगे...

Wednesday, October 30, 2019

तुम रूह में उतर गई हो जुदा करू कैसे
तुम्हें देख कर खुद से वफ़ा करू कैसे...

Sunday, October 20, 2019

हम उनके प्यार में जिस्म से रूह तक बिखर गये,
वो हमको बेवफ़ा-ए-मोहब्बत कह कर निकल गये...

Wednesday, October 9, 2019

उनकी यादों के झोंके दिल को भिगो जाते है...
वक़्त बे-वक़्त वो बहुत याद आते है...

Thursday, October 3, 2019

प्यार मिट जाता है चाहत हमेशा रहती है...प्यार मिट जाता है
चाहत हमेशा रहती है...

Thursday, September 19, 2019

मेरा इश्क़ इबादत हो गया
जब मैं उसमे खो गया...

Tuesday, September 10, 2019

ना तुम अपने हो सके
ना हम बेगाने हो सके...

Monday, September 2, 2019

ना वो हमको समझ पाए ना हमारे जज़्बात समझ पाए...
जिंदगी भर वो हमको बस रुसवा करते चले आये...

Friday, August 30, 2019

आँखों से परिंदे अब उड़ने लगे है,तेरी यादों के झरने अब गिरने लगे है,
तुझे याद नहीं अब वो मिलना हमारा,मुझे याद नहीं वो बिछड़ना हमारा...

Thursday, August 8, 2019

यूं तो अकेला हूँ लेकिन मशहूर हूँ,
तुम्हारे पास हूँ शायद दूर भी हूँ,
यूँ पथरीले रास्तों पर चलना शौक़ नही मेरा,
कुछ मामला चाहत का है कुछ मजबूर भी हूँ,
चाहता हूँ सभी को बस इतनी ख़ता है,
बस इसी आदत से मजबूर भी हूँ....

Monday, July 22, 2019

इस दिल में तेरी यादों के जुगनू आज भी जल रहे है 
हम वो मुसाफ़िर है जो तेरे लिए आज भी चल रहे है...

Monday, July 8, 2019

सादगी से बढ़कर कोई श्रृंगार नहीं.
मासूमियत से बढ़कर कोई प्यार नहीं...

Monday, June 24, 2019

इश्क़ ख़ुदा से हो या माशूक से टूट के हो...

Thursday, June 13, 2019

तुम्हारे साथ खामोश भी रहूँ तो बातें पूरी हो जाती हैं...
उस वक़्त सारी कायनात जमी पे उतर आती है...

Wednesday, May 29, 2019

फ़ितरत देख कर उनकी जज्बातों ने कहा
कैद-ए-जान से निकल जाये अब हम
फिर दिल ने चुपके से कहा
अभी किसी कोने में रह जाये हम