उसकी आंखे उसकी जुल्फें उसकी अदाएं उसके इशारे उसका इठलाके शरमाना,
कभी फूलों सा मुस्कुराना कभी घबराकर मेरी बाँहों में सिमट जाना...
बहुत याद आता है...💓
उसकी आंखे उसकी जुल्फें उसकी अदाएं उसके इशारे उसका इठलाके शरमाना,
कभी फूलों सा मुस्कुराना कभी घबराकर मेरी बाँहों में सिमट जाना...
बहुत याद आता है...💓
ये जो जुल्फें मेरे माशूक ने लहराई है मानों आसमान में घटा सी छाई है,
डूब रहे हैं हम उनके इश्क़ में धड़कनें भी अब बढ़ आई हैं...❤️
सादगी हमारी जरा एक बार तो देखिए,एतबार आपके वादे पे कर लिया...
तेरे पैमाने में भी वो जाम नहीं साक़ी.
जो मेरे माशूक की निगाहों में है...
मेरा इश्क एक शाम का नही है,तेरी तन्हाइयों में बेनाम सा नही है...
तू मुक्कमल जहां है मेरा,तेरे बिना कोई अरमान नही है...
तेरी चाहत में तन्हाई हर रात मिलेंगी...
तेरी यादों से रिहाई मौत के बाद मिलेगी...
तुझे भी रुसवाई मेरे बाद मिलेगी...