लहराई हुई जुल्फ की लहगीर तो देखो...
दिल क्यों ना गिरफ्तार हो जंजीर तो देखो...
फिर शौक से कह लेना दीवाना मुझे लोगो...
पहले मेरे महबूब की तस्वीर तो देखो...
आँधियों तुमने दरख्तों को गिराया होगा...
फूल से चिपकी हुई तितली को गिराकर देखो...
पत्थरों को भी तुम गिरा सकते हो...
अगर इरादों को मजबूत बनाया होगा...
आँधियों तुमने....
Shaam dhalte hi chiragon ko bujha dete hai hum...
Yeh Dil Hi Kaafi Hai unki yaad main jalne ke leya...
Ab to dhundhli hai tasveer dhundhle hai hum...
Bas usi me khud ko mila lete hai hum...
Shaam dhalte hi...
वो सर्द रातें वो तुम्हारी बातें वो तेरा कम्बल झटकना वो तेरा मूंगफली पर लड़ना याद आता है मुझे...
वो तेरा रूठ जाना मेरा मनाना तेरा शरमाना फिर मुस्कुराना याद आता है मुझे ...
वो तेरा कांधे पर सर रखना वो धीरे से लिपटना,याद आता है मुझे ....
दीवानगी में ये मदहोशियाँ मिलती नहीं फिर ...
ये शोखियाँ वो अठखेलियां वो नादानियाँ मिलती नहीं फिर ...
प्यार में सब अच्छा लगता है रंग जिंदगी में सजता है...
जि लो जिंदगी आज में कल तो है राज में...
पल दो पल का साथ भी जिंदगी में एहसाह भर देता है...
एहसाह जिंदगी में सुकून भर देता है...
कुछ लोग दूर होकर भी पास होते है...
कुछ पास होकर भी दूर हो जाते है...
जिंदगी का यही अंदाज़ मज़ा देता है...