वो सर्द रातें वो तुम्हारी बातें वो तेरा कम्बल झटकना वो तेरा मूंगफली पर लड़ना याद आता है मुझे...
वो तेरा रूठ जाना मेरा मनाना तेरा शरमाना फिर मुस्कुराना याद आता है मुझे ...
वो तेरा कांधे पर सर रखना वो धीरे से लिपटना,याद आता है मुझे ....
दीवानगी में ये मदहोशियाँ मिलती नहीं फिर ...
ये शोखियाँ वो अठखेलियां वो नादानियाँ मिलती नहीं फिर ...
प्यार में सब अच्छा लगता है रंग जिंदगी में सजता है...
जि लो जिंदगी आज में कल तो है राज में...
पल दो पल का साथ भी जिंदगी में एहसाह भर देता है...
एहसाह जिंदगी में सुकून भर देता है...
कुछ लोग दूर होकर भी पास होते है...
कुछ पास होकर भी दूर हो जाते है...
जिंदगी का यही अंदाज़ मज़ा देता है...
हम ने तो लूट के मोहब्बत की रिवायत रख ली...
उन से तो पुछिए वो किस लिए पछताते है...
आँसुओ तुम से तो पत्थर भी पिघल जाते है...
सुबह के निकले दीवाने अब कहाँ लौट के आते है...
जो छोड़ते है किसी को वो अच्छे नहीं होते...
प्यार करने वाले सभी सच्चे नहीं होते...
मिलती नहीं सच्ची मोहब्बत हर किसी को...
जिंदगी के सभी सफर अच्छे नहीं होते...
मै भी क़र्ज़दार हूँ हुस्न वालों का...
बेचा है जिसको ज़माने ने बाजार में...
मै भी क़र्ज़दार हूँ...
वो खरीदते रहे और रौंदते रहे उन के जज़्बातो को...
और हम देखते रहे उनके हालातो को...
मै भी क़र्ज़दार हूँ...
वो देश की शान है मगर आज वो खुद से भी अंजान है...
दिल टूटने की आवाज़ कहाँ होती है...
मिट जाती है जिंदगी आबाद कहाँ होती है...
फिर चलती है जिंदगी बेजुबां की तरह...
फिर उसमें आवाज़ कहाँ होती है...
दिल टूटने की आवाज़...
हमने मोहब्बत को छोड़ा,लेकिन एहसास को ना छोड़ पाए...
जिंदगी के तंगे हालात में भी उसको ना भूल पाए...
याद आती है उनकी तो आ जाते है आंसू...
हम उनको भूल कर भी ना भूल पाए...
हमने मोहब्बत को छोड़ा...